लफ्ज़ों में जिंदगी की धड़कन छोड़ गए बशीर बद्र: आधुनिक गजल के उस शायर को अलविदा, जिसने दर्द को आवाज दी | संपादकीय

बशीर बद्र अपने शब्दों में तन्हाई और पीड़ा को बखूबी उकेरते थे। वे चुभती जरूर थीं, मगर मन के किसी कोने दर्ज हो जाती थीं।

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