प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में सोमवार दोपहर अचानक बिजली गुल होने से अस्पताल की नियमित सेवाएं ठप पड़ गईं। पीएमएसएसवाई और नई बिल्डिंग सहित कई वार्डों में करीब 1:15 बजे अचानक बिजली चली गई, जिससे ओपीडी में लगभग 15 मिनट तक पूरी तरह अंधेरा छाया रहा। डॉक्टरों ने मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में ही मरीजों का प्राथमिक इलाज किया, जबकि अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और अन्य जांचें पूरी तरह बंद हो गईं। वार्डों के पंखे और कूलर न चलने के कारण गर्मी और उमस में मरीजों व परिजनों की तकलीफ बढ़ गई। परिजन साड़ियों के पल्लू और अंगोछों से हवा करके मरीजों को राहत देने की कोशिश करते दिखे। ट्रामा सेंटर में भी दोपहर 3:36 बजे लाइट चली गई थी, जो कुछ ही मिनट में वापस आ गई। वहीं रात करीब 8 बजे तेज बारिश के दौरान फिर से बिजली कट गई और घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई, जिससे अस्पताल में समस्या बनी रही। अस्पताल के जूनियर इंजीनियर ने बताया कि मुख्य बिजली लाइन पर मांग क्षमता से अधिक लोड लगने के कारण बार-बार फाल्ट हो रहे हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए 21 मई को 33 केवी की नई लाइन बिछाने और दोनों मुख्य गेटों के बीच अलग क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है। प्रस्ताव के मंजूर होते ही अस्पताल की बिजली आपूर्ति को मजबूत और निर्बाध करने की योजना है। मरीजो और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में फाल्ट की समस्या नियमित रूप से बनी रहती है। पांच दिन पहले भी पुरानी बिल्डिंग में बिजली कटने से जनरेटर में चेंजओवर तकनीकी खराबी के कारण आपरेशन थिएटर में आधे घंटे बत्ती गुल रही। कई सर्जरी टालनी पड़ीं।
स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में गुल रही बिजली:टॉर्च की रोशनी में डॉक्टरों ने किया मरीजों का इलाज,ओपीडी-सीटी स्कैन घंटों रहे ठप