भास्कर न्यूज | धमतरी जिला जेल में एक बीमार बंदी को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। आरोप है कि डॉक्टर ने बिना जांच किए ही उसे वार्ड में शिफ्ट करने का निर्देश दे दिया। इस बीच, नर्स ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती किया। फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। नर्स की देखरेख में इलाज चल रहा है। गुरुवार दोपहर 12 बजे के करीब, जेल के प्रहरियों ने बंदी घनश्याम जांगड़े को उल्टी की शिकायत पर इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचाया। वहां, दोपहर 12.15 बजे के करीब, अचानक बंदी को झटके आने लगे। उसके मुंह से झाग निकलने लगा। उस समय कक्ष क्रमांक-5 में मौजूद मेडिकल ऑफिसर डॉ. शुभम विश्वकर्मा को मरीज की जानकारी दी गई। आरोप है कि उन्होंने मरीज को देखने या जांच करने की जहमत उठाए बिना उसे सीधे वार्ड में शिफ्ट करने को कह दिया। बंदी को दोपहर 12.20 बजे मेल वार्ड ले जाया गया। वहां नर्सों ने उसकी जांच की। स्थिति गंभीर देखकर उन्होंने तुरंत आईसीयू में शिफ्ट करने का निर्णय लिया। दोपहर 12.30 बजे उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। वहां नर्सों ने प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। इस दौरान, दोपहर 1 बजे तक डॉक्टर अस्पताल से बाहर जा चुके थे। कुछ समय बाद वे वापस आए। दोपहर 1.30 बजे जब डॉ. शुभम विश्वकर्मा से इस मामले में पक्ष लिया गया, तो उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।
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