भास्कर संवाददाता| बड़वानी देश की पहली हाईटेक और डिजिटल जनगणना 2027 के तहत जिले ने दुर्गम पहाड़ी अंचलों, नेटवर्क विहीन ब्लैक जोन और बड़े पैमाने पर होने वाले जन-पलायन जैसी चुनौतियों को मात देते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर लिया है। अपर कलेक्टर सोहन कनाश ने बताया 2,650 से अधिक प्रशिक्षित प्रगणकों ने तपती गर्मी में घर-घर जाकर इस अभियान को सफल बनाया। वहीं इस बार 2,152 नागरिकों ने se.census.gov.in पोर्टल पर स्व-गणना कर 11 अंकों की पहचान संख्या हासिल की थी, जिससे प्रगणकों का काम आसान हो गया। मई की भीषण गर्मी को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर सभी प्रगणकों को धूप से बचाव के लिए कैप, थैले और ओआरएस के पैकेट दिए गए थे। वहीं 1. 40 से अधिक ब्लैक जोन गांवों में नेटवर्क का संकट: पाटी, निवाली और सेंधवा के दर्जनों ऐसे दुर्गम गांव थे, जहां मोबाइल नेटवर्क मिलना भी दूभर था। यहां मोबाइल ऐप में दिए गए सेव और ड्राफ्ट के विकल्प ने जादू की तरह काम किया। प्रगणकों ने बिना नेटवर्क के ऑफलाइन डेटा फीड किया, जो नेटवर्क क्षेत्र में आते ही स्वतः सर्वर पर अपलोड हो गया। 2. पलायन और खाली पड़े फल्या (मोहल्ले): काम की तलाश में ग्रामीणों का पलायन बड़ी चुनौती था। इसके लिए प्रगणकों ने दो दिन पहले ही फील्ड वेरिफिकेशन कर रणनीतिक रूप से परिवारों को ट्रैक किया।
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