तिरुवनंतपुरम। केरल के मुख्यमंत्री सतीसन ने मल्टीपल स्केलेरोसिस (MS) से पीड़ित मरीजों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि राज्य सरकार उनके उपचार, पुनर्वास और सामाजिक सहयोग के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि दुर्लभ और दीर्घकालिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसी जटिल बीमारी केवल मरीजों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों को भी प्रभावित करती है। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं, परामर्श और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि एमएस मरीजों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाए और उनके इलाज से जुड़ी सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने मरीजों और उनके परिजनों की चुनौतियों को समझने तथा उनके लिए जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मरीज संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान एमएस से पीड़ित लोगों के सामने आने वाली समस्याओं, महंगे इलाज और नियमित देखभाल की जरूरत जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर पहचान और उचित उपचार से मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सतीसन ने समाज से भी अपील की कि वे ऐसे मरीजों के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है, ताकि किसी भी मरीज को आवश्यक उपचार और सहायता से वंचित न रहना पड़े।
मल्टीपल स्केलेरोसिस एक ऐसी बीमारी है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। इसके कारण शरीर की गतिविधियों, संतुलन, दृष्टि और अन्य शारीरिक कार्यों पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, समय पर उपचार और सामाजिक सहयोग से मरीज बेहतर जीवन जी सकते हैं।